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अभी के भारतीय, महान ऋषियों की संताने होकर भी मुर्ख है! इनके पीछे हो जाते है !!!

अंत में, साईं भक्त सोचे की क्या किसी मस्जिद में इस मुस्लिम की मूर्ति लग सकती है??

यहाँ लेखक का अभिप्राय है की उसे समय में व्याप्त बुराइयों तथा दुष्टों का संहार बाबा ने इसीलिए नही किया क्योकि ये काम ईश्वरीय अवतार का होता है !! फिर आगे पुनः अवतार कह दिया ।

ये जो नीचे फोटो है …… ऐसे फोटो आजकल चोराहों पर लगाकार …भगवान का खुलेआम अपमान और हिन्दुओ को मूर्ख बनाया जा रहा है ?

साईं का केवल एक ही उद्देश्य था जो किसी समय अजमेर के मुस्लिम संत ख्वाजा मुइनुद्दीन चिस्ती ने आरम्भ किया था

Developing a Temple all around a buried dead system (even whether it is of a Expert or godly gentleman) and accomplishing Vedic Pooja is not really allowed in Hinduism. These fellows stage up and walk all-around his bones. It ought to be left to abide by one particular tradition. Now it’s not a Samadhi, not a temple any more.

आजकल सर्वत्र साँई बाबा की धूम है, here कहीँ साँई चौकी, साँई संध्या और साँई पालकी मेँ मुस्लिम कव्वाल साँई भक्तोँ के साथ साँई Vashikaran Simple Method जागरण करने मेँ लगे हैँ। मन्दिरोँ मेँ check here साँई की मूर्ति सनातन काल के देवी देवताओँ get more info के साथ सजी है। मुस्लिम तान्त्रिकोँ ने भी अपने काले इल्म का आधार साँई बाबा को बना रखा है व उनकी सक्रियता सर्वत्र देखी जा सकती है।

I was really upset and discovering no person that will help me. When I noticed the ad of Pandit R.K. Sharma ji within the magazine I made a decision to fulfill him. I exposed my problem to him then he provided me the best remedy which served me in receiving the consent of my parents for my love marriage. Many thanks Pandit ji for blessing me. See Extra

इससे पूर्व शिर्डी साईं को गली का कुता भी नही जनता था :- आगे सिद्ध किया गया है !

चूँकि शिर्डी साईं की पुनः प्रकट होने की बात सत्य निकली “इससे शिर्डी साईं की धाक जम गई ! ”

और फिर क्या बिना तपाये बनाये हुए मिटटी के कच्चे घड़ों में जल ठहर सकता है ?

लोगो में बाबा के शरीर को लेकर मतभेद हो गया की क्या किया जाये और यह ३ ६ घंटों तक चलता रहा अध्याय ४ ३ 

इसे कहानी बनायीं गयी की तीन दिन तक बाबा ने शरीर त्याग दिया था.

ऐसे हिन्दू द्रोही को तत्काल मंदिरों से बाहर पटक देना चाहिए, संत समाज को इस पर खुल कर आगे आना चाहिए और साईं नाम के इस जिहादी का नाश करने के लिए एक सुर में आवाज उठानी चाहिए,

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